Categories
Patriotism

सदा-ए-हिन्दुस्तान

था भारत कभी सनातन धर्म का गढ़; परन्तु आज के हिन्दुस्तान में हिन्दू नही हिजड़े बसते हैं| कुछ जो प्राकृतिक रूप से हैं और बाकि जो बना दिए गए हैं, खतना करवा कर लुल्ली का या लूली का| जी हाँ, अभद्र भाषा है परन्तु कटु सत्य है| अगर ममता बनर्जी जैसे अभर्द सोच और कर्म वालो को; जिन्हे जय श्री राम गाली प्रतीत होती है, बोलने की और गुंडा-गर्दी करने की आज़ादी है, तो मुझे भी; जो अपने देश, अपने धर्म और अपने भगवान पर जान छिड़कता हूँ, उसे भी बोलने की उतनी ही आज़ादी है|

कश्मीरी पंडितों का पलायन, सुन्दर नगर और अनेको-अनेक राज्यों से हिन्दू का पलायन| आज के भारत में हिन्दू के पास दो ही रास्ते हैं- या तो खतना करवाओ, हिजड़े बन जाओ या फिर पलायन कर जाओ| तीसरा रास्ता नहीं सिर्फ़ अंजाम है कि इस दुनिया से ही पलायन कर जाओ| इसी तरह पलायन चलता रहा तो भारत क्या, इस दुनिया से हिन्दू का, सनातन धर्म का नामो-निशान मिट जायेगा|

पाकिस्तान बनाया गया| पता नही किसके सर में गोबर पैदा हुआ था की उसकी उपज है पाकिस्तान (सब जानते है किसकी उपज है)| जब पाकिस्तान बना तब वहाँ हिन्दू थे ४०% से ज़्यादा और अब हैं १%| क्या कहने…कहाँ चले गए सब? हिन्दुस्तान में आ गए या फिजी, इंडोनेशिया भाग गए? जी नही, सीधा ऊपर का टिकट काटा गया सबका| जय हो…और हम बैठ कर ताली पीटते हैं-वाह! एक और हुआ शहीद अपनी बेबसी पर| शर्म आनी चाहिए हमें|

आज का हिन्दू उस कबूतर की तरह है, जो आँख बंद किये बैठा है कि उसकी जान सलामत है, पर कब उसे बिल्ली दबोच खायेगी उसे अंदाज़ा भी नही है| होगा भी क्यों? और हो भी क्यों? मुफ़्त में बैठे बैठे रोटी जो मिल जाती है तोड़ने के लिए| कुछ करना तो पड़ता नही, कुछ लोग ही सब कर जाते हैं और बाकी सब मिल कर मज़ा उड़ाते हैं| महाराणा प्रताप चले गए, पृथ्वी राज चले गए, रानी लक्ष्मी बाई चली गईं, शिवाजी महाराज चले गए, गुरु गोबिंद सिंह चले गए, सब चले गए और पीछे छोड़ गए सियारों के झुण्ड| खुद की ही बोटी चबाओ और खुद को ही काटो (अपने लोगो की)|

कहावत है; हमारे पुरखो के ज़माने से चली आ रही है, कि समझदार को इशारा ही काफ़ी है लेकिन विडंबना यह है कि समझदार तो सारे चले गए और अब बची है मूर्खों की पंड जो सिर्फ़ इशारा करो तो हिलना जानती है, इशारा करो तो मुँह चलाना जानती है, और इशारा करो तो हगना जानती है| किसी के पास कोई संवेदना नही बची है| ना अपनी मातृभूमि के प्रति, ना अपने धर्म के प्रति, ना अपने समाज के प्रति और मुझे तो संदेह है कि क्या अपने प्रति भी हिन्दू आज सजग है या अपनी आत्मा बेच कर प्राण हीन हो कर मृत्यु का रास्ता देख रहा है?

कब तक यही दासता चलेगी? कब तक यही शोषण चलेगा? कब तक हमारे ही घर में हमें क़ैद करके गुलामों की तरह प्रताड़ित किया जायेगा? कब तक सहोगे? सहने की सीमा होती है और वो तो कब की पार हो चुकी| ऐसा क्या बड़ा दिल लेकर पैदा होता है सनातन धर्मी की मार मारे जाओ और वो सहता जाये? भगवान श्री कृष्ण ने भी दुष्टों का नाश किया, भगवान श्रीराम ने भी पापियों का अंत किया| तो हमारे बुरे दिनों का अंत कब होगा? कब तक खतना करवाएगा हिन्दू? कब तक पलायन करेगा हिन्दू? कब तक अपनी धरती पर अपने घर में बंदी बन कर रहेगा हिन्दू? आखिर कब तक?

उठो, जवाब दो| लातो के भूत बातो से नही मानते| तो अब लात चलानी सीख लो| अपनी और अपनों की रक्षा के लिए हिन्दू सिख बना और अपने वतन के लिए अपना बलिदान दिया| यानि, हिन्दू जब तक हिन्दू है क्या वो कायर है? डरपोक है? भीरु है? दब्बू है? बेवक़ूफ़ है? बदल दो यह धारणा इस दुनिया की कि हिन्दू कायर है, दब्बू है, भीरु है| भगवान परशुराम, बाबा गोरखनाथ, राजा भरत के वंशज भीरु, दब्बू कैसे हो सकते हैं? केरला में हिन्दू आज कुत्ते कि ज़िन्दगी जी रहा है| रोटी फेंको तो खाता है, कहो काटो तो काटता है| भगवान परशुराम की भूमि पर बसा हिन्दू इतना कमज़ोर हो गया कि क्रॉस लटका लिया, खतना करवा लिया| और क्या कहता फिरता है- “जान बची तो लाखो पाए”| अरे डूब मारो उसी समुद्र के पानी में जहां खड़े हो कर अपना वजूद मिटाते हो| डूब मरो| ऐसे लाखों पा कर क्या करोगे जिससे तुम्हारी लाचारी, बेचारी और धर्म के ख़ून की बू आती हो? कैसे उतरेगा वो निवाला तुम्हारे गले से जिस पर तुम्हारे अपनों का ख़ून लगा हो, अपने ही जलते घर की राख लगी हो?

सच में भारत में हिन्दू नही हिजड़े बसते हैं| वर्ना, अब तक तो मुर्दों का भी गुरूर चीख चीख कर बोल उठे कि बस बहुत हुआ और नही, अब और नही, ये ज़िल्लत के प्याले और नही|

अरे जिसने भगवान ने हिजड़ा बनाया है, उसका भी ईमान है, तुम्हारा ईमान कहाँ गया?

वक़्त आया है अपने वजूद को मिटने से बचाओ…६०% नही, १००% हिन्दू बनाओ…

जय हिन्द जय भारत जय महाकाल हर हर महादेव

1 reply on “सदा-ए-हिन्दुस्तान”

In 1971, so many (in lakhs) innocent hindus were killed, women were brutally raped! In Bangladesh and Pakistan the number of hindus has been reduced to approximately 7.5%- 2.2% . There are so many officially declared muslim n Christian province but not a single hindu rashtra! Either they were killed or they were forced to change their religion. Where the hindus will go to escape such torture which is still continuing? To Arab? To Rome? And Banerjee herself demanded for NRC in 2005 in Parliament. Has she forgotten?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *